Thursday, 3 August 2023

आवाज बदलकर ऑनलाइन ठगी करने वालों से रहे सावधान

 अचानक से दोस्त का या किसी सगे संबंधी का कॉल आए और वह पैसे मांगे तो सावधान हो जाएं! ऐसे किसी व्यक्ति को अपनी बैंक डिटेल भी न दें, यदि मामला ज्यादा जरूरी हो तो एक बार फोन करके कंफर्म कर लें कि सच में मदद मांगने वाला आपका दोस्त या परिचित ही है.

साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है. अब तक सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर पैसे मांगने वाले या फोन कर ओटीपी पूछने वाले यह अपराधी अब आपको आपका दोस्त बनकर फोन कर रहे हैं, इसके लिए ये AI वॉयस क्लोनिंग टूल की मदद ले रहे हैं, ये टूल इतने सलीके से आवाज की नकल करता है कि आप खुद आवाज में अंतर नहीं कर पाते और ठगी का शिकार हो जाते हैं।



कैसे बना रहे ठगी का शिकार

साइबर अपराधी सबसे पहले शिकार चुनते हैं, फिर उसके नाते रिश्तेदार या दोस्त की पहचान की जाती है, AI टूल्स की मदद से उसकी वॉयस क्लोनिंग करते हैं और फिर परिचित की आवाज में फोन करके ये बताते हैं कि उनका एक्सीडेंट हो गया, पर्स चोरी हो गया, या वो किसी बड़ी मुसीबत में हैं, इसीलिए उन्हें कुछ मदद चाहिए. कई बार तो ये अपराधी पीड़ित का बेटा-बेटी, पति या पत्नी बनकर कार्ड की डिटेल भी पूछ लेते हैं।

3 सेकेंड की आवाज से हो जाती है वॉयस क्लोनिंग

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को किसी भी आवाज की नकल करने के लिए सिर्फ 3 सेकेंड का वीडियो चाहिए होता है, ये स्कैमर लोगों के फेसबुक, इंस्टाग्राम या यूट्यूब की मदद से वॉयस सैंपलिंग कर लेते हैं, ये वॉयस क्लोनिंग टूल ऑनलाइन मिल जाते हैं, खास बात ये है कि ये पूरी तरह फ्री हैं, इनसे किसी भी आवाज की कॉपी की जा सकती है. एक सर्वे के मुताबिक तकरीबन 75 फीसदी लोग AI वॉयस क्लोनिंग और नेचुरल आवाज में अंतर नहीं पहचान पाते।

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