Thursday, 3 August 2023

आई फ्लू से सतर्क रहें

आई फ्लू के मामले को पिंक आई भी कहा जा रहा है. चिकिस्तकों की मानें तो यह एक संक्रामक बीमारी है, जिससे बच्चों के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना रहती है. दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, पूर्वोत्तर में इस संक्रामक रोग के तेजी से फैलने का कारण भारी बारिश के बाद बाढ़ और जलभराव को माना जा रहा है. जानकारी के मुताबिक बच्चे जल्द इस रोग की चपेट में आ रहे हैं।आई फ्लू कई तरह के होते हैं. यह रोग बैक्टीरिया, वायरस या एलर्जी के कारण भी हो सकता है. अभी जिस संक्रामक रोग का शिकार लोग हो रहे हैं, वह काफी तेजी से फैलने वाला है. आंखों में लालिमा, खुजली, चिपचिपापन और सूजी हुई पलकें, इस रोग के लक्षण हैं. वायरल संक्रमण में दवा या आई ड्रॉप से तुरंत राहत नहीं मिलती है. इसे ठीक होने में एक से दो सप्ताह का समय लग सकता है।

*बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां*


आई फ्लू संक्रमण से बचाव के लिए सफाई पर ध्यान देना बहुत आवश्यक है. घर पर पैरेंट्स और स्कूल में टीचर को बच्चों को हाथों को लगातार धोने रहने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. वहीं, चश्मे, कॉन्टेक्ट लेंस और आंखों के संपर्क में आने वाली किसी भी वस्तु की भी नियमित सफाई भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

बच्चे अक्सर अपनी आंखों को रगड़ते या छूते रहते हैं, जिस कारण वे इस संक्रमण का शिकार हो सकते हैं. ऐसे में बच्चों को अपनी आंखों को छूने से बचने की सलाह दें और वायरस के संपर्क में आने और फैलाव से बचने के लिए छींकते या खांसते समय टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करना सिखाएं. टिश्यू पेपर को एक बार इस्तेमाल के बाद डस्टबिन में फेंक देना चाहिए.

सभी को संक्रमित या संक्रमण के लक्षण वालों से दूर रहने की सलाह दें. अगर बच्चा संक्रमित हो चुका है तो उसे भी सबसे दूरी बना कर रखने के लिए कहें और उसे काला चश्मा पहनाएं, जिससे संक्रमण का फैलाव न हो और तुरंत ही अपने डॉक्टर से संपर्क कर उनसे सलाह लें।

भूल गए नवजात को वैक्सिन लगाना ? अब नो टेंशन

बच्चे या महिला के टीकाकरण कार्ड को संभालकर रखने का झंझट अब खत्म होगा. कोविन प्लेटफार्म के बाद ऑनलाइन यूविन एप तैयार हो रहा है. ये कोरोना वैक्सीनेशन की तरह हर तरह के टीके की जानकारी मोबाइल पर देगा.  सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 2-2 जिलों में ‘यू विन’ पॉयलट प्रोजेक्ट शुरू किया है. इसकी सफलता के साथ पूरे देश में इसे लांच किया जाएगा. 

          हर घर तक स्मार्टफोन की पहुंच होने के साथ ये बेहद कारगर साबित होने वाला है. इस ऐप का प्रयोग हर गर्भवती महिला के पंजीकरण  टीकाकरण, प्रसव का पूरा रिकॉर्ड, नवजात को पंजीकरण, पैदा होने के समय और बाद के टीके का रिकॉर्ड रखने में होगा. यह बच्चे के बर्थ सर्टिफिकेट के रिकॉर्ड में भी कारगर हो सकता है.  ‘यूविन’ हर तरह के टीके लेने वाले की जानकारी रखने का एकमात्र केंद्र होगा.  इसमें टीका लगवाने वालों की जानकारी के साथ अस्पताल, समय समेत सारी जानकारी बस एक क्लिक में मिलेगी. इससे ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्र में डॉक्टरों को जच्चा बच्चा का सारा रिकॉर्ड भी तुरंत मिल जाएगा. इसमें सभी गर्भवती महिलाओं और डिलिवरी के बाद उनके ब्चचों का निशुल्क डिजिटल रजिस्ट्रेशन होगा.

          गर्भवती महिलाओं और शिशुओं का टीकाकरण कार्ड आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते के पहचान पत्र से भी जुड़ेगा. सभी राज्यों और जिलों के जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास ये डेटाबेस मौजूद होगा. इससे एक टीका किसी अस्पताल में लगने के बाद दूसरा टीका किसी अन्य अस्पताल में लगने में भी दिक्कत नहीं होगी. डॉक्टर का अप्वाइंटमेंट भी ऑनलाइन होगा, ताकि जच्चा बच्चा को वैक्सीनेशन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. 

           फिलहाल यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत टीकों का रिकॉर्ड कागजी दस्तावेजों में रखा जाता है. इसका रखरखाव भी बेहद दिक्कत भरा है. लेकिन यूविन ऐप से ये सारी समस्याएं चुटकियों में हल हो जाएंगी. वैक्सीनेशन पूरा होने का सर्टिफिकेट भी ऑनलाइन कहीं भी कभी डाउनलोड किया जा सकेगा. इसे डिजिटल लॉकर यानी डिजिलॉकर में भी रख सकेंगे.

आवाज बदलकर ऑनलाइन ठगी करने वालों से रहे सावधान

 अचानक से दोस्त का या किसी सगे संबंधी का कॉल आए और वह पैसे मांगे तो सावधान हो जाएं! ऐसे किसी व्यक्ति को अपनी बैंक डिटेल भी न दें, यदि मामला ज्यादा जरूरी हो तो एक बार फोन करके कंफर्म कर लें कि सच में मदद मांगने वाला आपका दोस्त या परिचित ही है.

साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है. अब तक सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर पैसे मांगने वाले या फोन कर ओटीपी पूछने वाले यह अपराधी अब आपको आपका दोस्त बनकर फोन कर रहे हैं, इसके लिए ये AI वॉयस क्लोनिंग टूल की मदद ले रहे हैं, ये टूल इतने सलीके से आवाज की नकल करता है कि आप खुद आवाज में अंतर नहीं कर पाते और ठगी का शिकार हो जाते हैं।



कैसे बना रहे ठगी का शिकार

साइबर अपराधी सबसे पहले शिकार चुनते हैं, फिर उसके नाते रिश्तेदार या दोस्त की पहचान की जाती है, AI टूल्स की मदद से उसकी वॉयस क्लोनिंग करते हैं और फिर परिचित की आवाज में फोन करके ये बताते हैं कि उनका एक्सीडेंट हो गया, पर्स चोरी हो गया, या वो किसी बड़ी मुसीबत में हैं, इसीलिए उन्हें कुछ मदद चाहिए. कई बार तो ये अपराधी पीड़ित का बेटा-बेटी, पति या पत्नी बनकर कार्ड की डिटेल भी पूछ लेते हैं।

3 सेकेंड की आवाज से हो जाती है वॉयस क्लोनिंग

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को किसी भी आवाज की नकल करने के लिए सिर्फ 3 सेकेंड का वीडियो चाहिए होता है, ये स्कैमर लोगों के फेसबुक, इंस्टाग्राम या यूट्यूब की मदद से वॉयस सैंपलिंग कर लेते हैं, ये वॉयस क्लोनिंग टूल ऑनलाइन मिल जाते हैं, खास बात ये है कि ये पूरी तरह फ्री हैं, इनसे किसी भी आवाज की कॉपी की जा सकती है. एक सर्वे के मुताबिक तकरीबन 75 फीसदी लोग AI वॉयस क्लोनिंग और नेचुरल आवाज में अंतर नहीं पहचान पाते।

Mobile चोरी हो गया ??? इसे जरूर पढ़ें ....

 

अगर आपका फोन चोरी हो जाए, या फिर फोन गुम हो जाए, तो संचार साथी पोर्टल से उस मोबाइल को ब्लॉक किया जा सकता है।



Sanchar Saathi Portal App: स्मार्टफोन चोरी होना आम बात है। हर दिन हजारों की संख्या में फोन चोरी या फिर गुम हो जाते हैं। फोन चोरी होने पर न सिर्फ आपको पैसों का नुकसान होता है। बल्कि आपका पर्सनल डेटा भी दूसरे के साथ लग सकता है। साथ ही फोन में ऑनलाइन पेमेंट ऐप मौजूद होते हैं। ऐसे में फोन चोरी या फिर गुम होने पर सबसे पहले फोन को ब्लॉक करना होता है। साथ ही उसे ट्रैक करना होगा। इस काम में संचार साथी पोर्टेल आपकी मदद कर सकता है। वही अगर चोरी का फोन वापस मिल जाएं, तो संचार पोर्टल पर जाकर उसे अनब्लॉक भी किया जा सकता है।

कैसे फोन करें ब्लॉक
  1. सबसे पहले https://sancharsaathi.gov.in/ पर क्लिक करना होगा।
  2. इसके बाद Citizen Centric Services में जाना होगा।
  3. यहां आपको Block Your Lost/Stolen Mobile ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
  4. इसके बाद एक नया पेज ओपन होगा, जहां आपको मोबाइल से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी
  5. अगर आपका फोन ड्यूल सिम वाला है, तो दोनों मोबाइल दर्ज करने होंगे। साथ 15 डिजिटल वाले दोनों IMEI नंबर दर्ज करना होगा।
  6. डिवाइस किस ब्रांड की है और उसका मॉडल नंबर क्या है? साथ ही डिवाइस खरीदने की इनवाइस अपलोड करनी होगी।
  7. इसके बाद फोन खोन की डेट, टाइम और लोकेशन, जिला, स्टेट की जानकारी देनी होगी
  8. इसके आलावा पुलिस शिकायत नंबर, पुलिस स्टेशन की लोकेशन और उसकी कॉपी को अपलोड करना होगा
  9. इसके अलावा मोबाइल ओनर की पर्सनल इन्फॉर्मेंशन जैसे ओनर के नाम, एड्रेस, आइडेंटिडी को अपलोड करना होगा। इसके अलावा ओटीपी के लिए मोबाइल नंबर, ईमेल को दर्ज करना होगा।
  10. फिर डिस्क्लेमर को एक्सेप्ट करना होगा।
  11. इसके बाद फॉर्म सब्मिट कर पाएंगे।

30 या 31 अगस्त कब है भाई बहनों का त्यौहार रक्षाबंधन ????


हर बार की तरह रक्षाबंधन को लेकर लोग दुविधा में हैं कि इस बार राखी कब मनाई जा रही है 30 अगस्त या फिर 31 अगस्त। तो आपको बता दें कि इस बार राखी का त्यौहार दो दिन मनाया जाएगा।

रक्षाबंधन का पर्व सावन पूर्णिमा पर मनाया जाता है। इस साल रक्षा बंधन 30 अगस्त को सावन की पूर्णिमा पड़ रही है। सावन की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 30 अगस्त को सुबह हो रही है। जबकि इसका समापन 31 अगस्त को सुबह सात बजकर पांच मिनट पर होगा। लेकिन 30 अगस्त को पूर्णिमा वाले दिन भद्रा का साया भी पड़ रहा है।

ये है राखी का शुभ मुहुर्त

रक्षाबंधन 30 अगस्त को 10 बजे से पहले बहनें अपने भाईयों को राखी बांध सकती हैं। 30 अगस्त को 10 बजकर 58 मिनट से भद्रा शुरू हो जा रही है। जो कि रात नौ बजकर एक मिनट पर खत्म होगी। इस दौरान बहनें अपने भाईयों को राखी नहीं बांध पाएंगी। रात नौ बजे के बाद 31 अगस्त सुबह सात बजकर पांच मिनट तक राखी का त्यौहार मनाया जाएगा। इसलिए इस बार राखी का त्यौहार दो दिन मनाया जाएगा।

भद्राकाल में नहीं बांधी जाती राखी

30 अगस्त को पूर्णिमा वाले दिन भद्राकाल का साया भी पड़ रहा है। 30 अगस्त को 10 बजकर 58 मिनट से भद्रा शुरू हो जा रही है। जो कि रात नौ बजे को खत्म होगी। इस दौरान बहनों को अपने भाईयों को राखी नहीं बांधनी चाहिए।

हिंदू धर्म में मान्यता है भद्राकाल के दौरन राखी बांधना अशुभ होता है। ऐसा कहा जाता है कि भद्राकाल में राखी बांधने से भाई की उम्र कम होती है। कहा जाता है कि शूर्पनखा ने अपने भाई रावण को भद्रा काल में राखी बांध दी थी। जिस वजह से रावण के पूरे कुल का सर्वनाश हो गया था।

आई फ्लू से सतर्क रहें

आई फ्लू के मामले को पिंक आई भी कहा जा रहा है. चिकिस्तकों की मानें तो यह एक संक्रामक बीमारी है, जिससे बच्चों के सबसे ज्यादा प्रभा...